तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम – 23-08-2022 to 25-08-2022

पहले दिन “ग्लेशियर एवं जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण एवं जल गुणवत्ता विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान की गई ।

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “ईको सिस्टम रेस्टोरेशन” के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया जिसके अंर्तगत जल विज्ञान के सभी कंपोनेंट्स को कवर किया जा रहा है और प्रदेश के विद्यार्थियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पहला व्याख्यान वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून की वैज्ञानिक डॉ पिंकी बिष्ट ने “प्लेस्टोसीन ग्लेसिएशन एंड डिग्लेसिएशन: इंप्लिकेशंस इन द प्रेजेंट कॉन्टेक्स्ट ऑफ़ क्लाइमेट चेंज” विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने संबोधन में हिमालय क्षेत्र के ग्लेशियरों के विषय में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करते हुए ग्लेशियरों पर होने वाली वर्फवारी के विषय में बताया तथा जलवायु परिवर्तन की वर्तमान दशाओं के परिप्रेक्ष्य में बोलते हुए जल स्रोतों पर होने वाले प्रभावों पर विस्तार से बताया।

कार्यक्रम का दूसरा व्याख्यान कार्यक्रम समन्वयक तथा यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने ” पर्वतीय जल स्रोतों के संरक्षण, जल संरक्षण की विधियां एवं उनकी गुणवत्ता विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए हैंड्स ऑन प्रशिक्षण” प्रदान किया।

वैज्ञानिक डॉ ओम प्रकाश नौटियाल ने यूसर्क की वैज्ञानिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डॉ राजेंद्र सिंह राणा ने जल के मानव स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव विषय पर प्रकाश डाला। डॉ मंजू सुंदरियाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ भवतोष शर्मा द्वारा एवं तकनीकी सहयोग इंजीनियर उमेश जोशी, ओम जोशी, राजदीप द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम में चमनलाल महाविद्यालय हरिद्वार, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर मालदेवता, ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय देहरादून, एमकेपी पीजी कॉलेज देहरादून, दून पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड साइंस टेक्नोलॉजी देहरादून के विद्यार्थियों द्वारा इस तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जा रहा है।

Second Day of “Jal Vigyan Prashikshan” – 24.08.2022

Second Day activities under “Jal Vigyan Prashikshan” of USERC were organised in association with ‘Sustainability Cluster Department’ of University of Petrolium & Energy Studies (UPES) Dehradun.

Under the inaugural session of the program, Dr Bhavtosh Sharma Scientist USERC presented a brief introduction about the Water related activities for the students by the USERC as well as other scientific activities of USERC. He told that we have to work together to save our water resources with community participation following the scientific and traditional knowledge of Water Science.

Expert Lectures and Hands on training were well organised as given below:

Technical Session 1:

1:First Expert Lecture:“Drain city to Rain City” by Professor Manish Kumar, Head, Sustainability Cluster, UPES Dehradun

Second Expert Lecture: “Hydrochemistry of Ganga and Yamuna River in Himalayan Region” by Dr Kanchan Deoli Bahukhandi, Associate Professor, Sustainability Cluster, UPES Dehradun

Third Expert Lecture: “Advances in Water Quality Analysis” by Dr Mopidevi Sustainability Cluster, UPES Dehradun

Technical Session 2:

(i) Hands on training on Water Quality analysis covering AAS analysis for metals, BOD, COD, pH, turbidity, conductivity etc. by Dr Madhuben Sharma and her research group.

(ii) Hands on training on Advance Sophisticated Instruments by Dr. Shuvendu Mana, Assistant Professor. GC, HPLC, LC-MS, ICP-MS etc. instrumental hands on training were covered more than 50 students have participated in training program.

तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन – 25.08.2022

“रिमोट सेंसिंग एवं जी आई एस तकनीक द्वारा जल संसाधनों का अध्ययन व प्रबंधन, वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा जल गुणवत्ता का अध्ययन आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा हैंड्स ऑन प्रशिक्षण”

यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने कहा कि यूसर्क द्वारा विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर हैंड्स ऑन ट्रेनिंग का आयोजन लगातार कर रहा है। हमारा उद्देश्य है कि तकनीकी का प्रयोग करके विद्यार्थियों तक विभिन्न विषयों को लगातार पहुंचाया जाए। इस दिशा में यूसर्क निरंतर विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं शोध संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम का पहला व्याख्यान जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रोफेसर पी के जोशी ने “रिमोट सेंसिंग एवं जी आई एस तकनीकी द्वारा जल संसाधनों के अध्ययन एवम प्रबंधन” विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि इन तकनीकों द्वारा सतही जल, भूजल, ग्लेशियर आदि का अध्ययन किया जा रहा है। जल की गुणवत्ता एवं जल की मात्रा दोनो से संबंधित आंकड़े प्राप्त कर उनका विश्लेषण किया जा सकता है और जल स्रोतों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जा सकता है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य के विभिन्न जल स्रोतों का अध्ययन प्रस्तुत करते हुए बताया कि ये तकनीकी जल संसाधनों के अध्ययन एवम नीति निर्धारण में अत्यंत उपयोगी है।

कार्यक्रम का द्वितीय व्याख्यान उत्तराखंड जल संस्थान की देहरादून स्थित राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता प्रयोगशाला के वरिष्ठ तकनीकी प्रबंधक डॉ विकास कंडारी ने “स्पेक्ट्रोफोटोमीटर द्वारा जल की गुणवत्ता के विभिन्न पैरामीटर्स का विश्लेषण” विषय पर व्याख्यान एवं हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान की। डॉ कंडारी ने प्रतिभागियों द्वारा देहरादून एवं रुड़की क्षेत्र के विभिन्न भागों से लाए गए जल में नाइट्रेट, लोहा, फ्लोराइड आदि को एनालिसिस करके प्रयोगात्मक रूप से सिखाया।

कार्यक्रम का तीसरा व्याख्यान यूसर्क के वैज्ञानिक व कार्यक्रम समन्वयक डॉ भवतोष शर्मा ने “प्रयोगशाला में विभिन्न पैरामीटर्स के वोल्यूमेट्रिक विश्लेषण” विषय पर व्याख्यान एवं उनके मानक विलयन बनाने विषयक हैंड्स ऑन ट्रेनिंग उपस्थित स्नातक व स्नातकोत्तर विषयों के प्रतिभागियों को प्रदान की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र यूसर्क की निदेशक प्रो (डॉ) अनीता रावत द्वारा प्रदान किए गए। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ मंजू सुंदरियाल एवं संचालन डॉ भवतोष शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ राजेंद्र सिंह राणा, इंजी. उमेश जोशी, ओम जोशी, राजदीप द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में चमनलाल महाविद्यालय हरिद्वार, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर मालदेवता, ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय देहरादून, एमकेपी पीजी कॉलेज देहरादून, दून पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड साइंस टेक्नोलॉजी देहरादून के स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर विद्यार्थियों द्वारा इस तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया । कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों सहित कुल 40 प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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